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(src)="1"> Uzak durmaya çalıştım ama aşkınla ben eritiyorsun .
(trg)="2"> Aşkından köşe bucak kaçsam da güneş gibi yakarsın beni .
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(src)="1"> namaskar asha hai ki aap ko abhi tak thod bohot bodh hoga ki
(trg)="1"> Բարի վերադարձ :
(src)="2"> limit kya hai ya function ki limit dhund na kya hai chalo , kuch prashna hal kare in me se kuch aap ke pariksha me aa sakte hai ya jab aap samanya limit ka prashna hal kar rahe ho ye limit kya hai - ek aur baar , mera pen kaam nahi kar raha hai
(trg)="2"> Հիմա , որ մենք հուսով ենք , որ մի քիչ նման է ինտուիցիա ինչ սահմանափակում է , թե գտնում սահմանը ֆունկցիա է , եկեք մի քանի խնդիրներ .
(trg)="3"> Որոշ չեք կարող տեսնել ձեր էության քննության կամ երբ դուք , ըստ էության , փորձում է լուծել ընդհանուր սահմանափակելու խնդիրը .
(trg)="4"> Այնպես որ , ասենք , թե ինչ է սահմանը - նորից , իմ
(src)="3"> limit kya hai jase x pohoche -- mante hai - 1 aur dekhte hai , kya acha vakyansh he -- me ise kosht ( ) me dalta hu taki yeh saf lage yeh ( 2x+2 ) / ( x+1 ) hoga toh pehli baat hai me hamesha koshish karta hu ki kya hoga agar me x sidhe is abhivakti( expression ) me dalta hoon ? kya hoga ?
(trg)="6"> Որն է սահմանը , ինչպես ռենտգենյան մոտեցումների , եկեք ասում են , որ բացասական 1 .
(trg)="7"> Եվ թույլ տվեք տես , ինչ լավ - ասենք իմ արտահայտություն է ,
(trg)="8"> Ես տեղադրել եմ այն առնված , այնպես որ դա մաքուր .
(src)="4"> 2x + 2 kya hoga , jab x = - 1 hoga ?
(trg)="12"> Դե , ինչ 2x գումարած 2 , երբ x հավասար է բացասական 1 .
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(src)="1"> मैंने ये सोचा था की मैं एक साधारण अनुरोध के सांथ प्रारंभ करूँ | मैं चाहता हूँ की आप सभी एक पल के लिए शांत हों , और कमजोर मनहूसों , अपने दुखी अस्तित्व को परखो | ( हँसी ) यह सलाह पांचवी सताब्दी में संट बेनेडिक्ट ने अपने अनुयायियों को दी थी | जब इस सलाह को मैंने पालन करने का फैसला किया तब मैं ४० वर्ष का था | तब तक मैं एक उत्कृष्ट कॉर्पोरेट योद्धा था | मैं बहूत ज्यादा खा रहा था , मैं बहूत ज्यादा पी रहा था मैं बहूत ज्यादा मेहनत कर रहा था , और अपने परिवार की उपेछा कर रहा था | और फिर मैंने अपने जीवन में परिवर्तन लाने का प्रयत्न करने का फैसला किया | मैंने विशेषकर यह निर्णय लिया की मैं कार्य और जीवन में समन्वय के जटिल मुद्दे पर ध्यान दूंगा | इस लिए मैंने नौकरी छोड़ दी और मैंने १ वर्ष घर पर अपनी पत्नी और चार छोटे बच्चों के सांथ व्यतीत किये | किन्तु उस एक वर्ष में कार्य और जीवन में समन्वय के बारे में मैंने यह सीखा कि तब कार्य और जीवन में समन्वय रखना काफी सरल था जब मेरे पास नौकरी नहीं थी | ( हंसी ) यह एक उपयोगी कला नहीं है विशेष रूप से जब आपके पैसे खत्म होने लगें | इसलिए मैंने फिर से नौकरी प्रारंभ कर दी | और मैं संघर्ष के सांथ पिछले सात वर्षों से कार्य और जीवन में समन्वय के बारे में अध्यन और लेखन कर रहा हूँ | और इस पर मेरे चार निष्कर्ष हैं जो कि मैं आज आप लोगों को बताऊंगा | सबसे पहले है , यदि समाज को इस विषय में प्रगति करना है , तो इसके लिए हमें ईमानदारी से सोचना होगा | किन्तु समस्या यह कि कार्य और जीवन में समन्वय के बारे में बहूत से लोग बहुत सी व्यर्थ बातें करते हैं | ऑफिस का समय आप के अनुसार हो , शुक्रवार का परिधान आप के अनुसार हो और आप के पिता बनने पर छुट्टी मिलाना ये सारी चर्चाएँ उस मुख्य विषय को दर्शाती हैं जो यह है कि कुछ कार्य और कार्य क्षेत्र में विकास के विकल्प मौलिक रूप से अनुचित हैं जिसमे एक परिवार के सांथ प्रतिदिन सार्थक रूप से सकारात्मक रहा जा सके | किसी भी समस्या के समाधान का प्रथम चरण है कि हम स्थिति की वास्तविकता को स्वीकार करें | और जिस समाज में हम रहे रहें हैं उसकी वास्तविकता यह है कि यंहा हजारों लोग हैं जो कि चुपचाप एक हताश जिन्दगी जी रहें हैं जन्हाँ वो कठिन परिश्रम के सांथ देर तक काम करते हैं ऐसी नौकरी पर हैं जो उन्हें पसंद नहीं है उस नौकरी से ऐसे चीजें खरीदने में सक्षम होते हैं जिसकी उन्हें जरुरत नहीं है | उस नौकरी में ऐसे लोगों को प्रभावित करते हैं जिन्हें वो पसंद नहीं करते हैं | ( हंसी ) ( तालियाँ ) मेरा तर्क यह है कि शुक्रवार को जींस और टी- शर्ट में कार्यालय जाना वास्तव में समस्या का समाधान नहीं है | ( हंसी ) मेरा दूसरा अवलोकन यह है कि हमें सच का सामना करना होगा कि प्राशसन और प्रबन्धन हमारे लिए इस समस्या का समाधान नहीं करेंगे | हमें इसके लिए दूसरों पर निर्भर नहीं होना है ; यह व्यक्तिगत रूप से हम पर निर्भर है कि हम इसे नियंत्रित करने की जिम्मेदारी लें कि हम किस प्रकार का जीवन जीना चाहते हैं | यदि आप अपने जीवन की रचना स्वयं नहीं करेंगे , तो कोई और आप के लिए इसकी रचना करेगा , और कार्य और जीवन में समन्वय के उनके विचार आप को पसंद ना आयें | यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है -- यह इन्टरनेट पर नहीं है ना, मुझे नौकरी से निकल दिया जायेगा -- यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है कि आप कभी अपने जीवन की गुणवत्ता व्यावसायिक प्रबंधनो के हाँथ में ना दें | मैं सिर्फ ख़राब कंपनियों की बात नहीं कर रहा हूँ -- जिन्हें मैं मनुष्य की आत्मा का कसाईखाना कहता हूँ | ( हंसी ) मैं सारी कंपनियों की बात कर रहा हूँ क्योंकि व्यावसायिक कंपनियां स्वाभाविक रूप से ऐसी बनाई गई हैं कि आप से जितना ज्यादा हो सके उतना कार्य कराया जाये यह उनके स्वभाव में है , यह उनके डीएनए में है , और वो यही करती हैं -- अच्छी और नेक कंपनियां भी यही करती हैं | एक ओर कार्यालय में बच्चों के देख रेख की सुविधा प्रदान करना बहुत अच्छा है | पर दूसरी ओर यह एक बुरे स्वप्न की तरह है ; इसके कारण आप ऑफिस में और ज्यादा समय व्यतीत करते हैं | अपने जीवन की सीमाओं को स्थापित करने और लागू करने के लिए हमें स्वयं ही उत्तरदायी होना होगा | तीसरा अवलोकन है कि हमें सावधानी के सांथ समय सीमा निर्धारित करना चाहिए जिसमे हम जीवन में समन्वय का आकलन करें | दोबारा ऑफिस में कार्य प्रारंभ करने से पहले जब एक वर्ष के लिए मैं घर पर था , तब एक दिन मैंने बैठ कर विस्तार से चरणबद्ध विवरण लिखा कि मैं किस प्रकार के एक आदर्श संतुलित दिन की अभिलाषा रखता हूँ | जो कि इस प्रकार है : रात की एक अच्छी नींद के बाद अछे विश्राम के बाद सुबह जागूं | सेक्स करूँ | सुबह की सैर पर जाऊं अपनी पत्नी और बच्चों के सांथ सुबह का नाश्ता करूँ | फिर से सेक्स करूँ | ( हंसी ) ऑफिस जाते हुए बच्चों को स्कूल ले कर जाऊं तीन घंटे तक ऑफिस में काम करूँ | दोपहर को दोस्तों के सांथ खेल का आनन्द लूँ | और तीन घंटे तक ऑफिस में काम करूँ | शाम को दोस्तों से पब में मिलूं | पत्नी और बच्चों के सांथ रात्रि भोजन के लिए घर जाऊं | आधे घंटे योग करूँ | सेक्स करूँ | शाम की सैर पर जाऊं | फिर से सेक्स करूँ | और फिर सोने जाऊं | ( तालियाँ ) आप क्या सोचते है कितनी बार मैंने ऐसा दिन व्यतीत किया होगा ?
(trg)="1"> Կարծում եմ , լավ կլինի ելույթս սկսել մի պարզ խնդրանքից :
(trg)="2"> Ես ուզում եմ , որ բոլորդ մի պահ պատկերացնեք , որ դուք դժբախտ անհաջողակներ եք , և մտովի գնահատեք ձեր խղճուկ դրությունը :
(trg)="3"> ( Ծիծաղ )